Touhid Ke Mat Men Rang De by Uma Pathak (GRADE-C)
"तौहीद के माट में रंग दे" लेखिका उमा पाठक द्वारा लिखित एक अत्यंत विद्वतापूर्ण और आकर्षक निबंधात्मक पुस्तक है, जो परमात्मा के प्रति अटूट विश्वास, निस्वार्थ प्रेम और अध्यात्म के मूल तत्वों को रेखांकित करती है। इस कृति का मुख्य संदेश यह है कि जब मनुष्य का तन-मन ईश्वर के सच्चे प्रेम के पक्के रंग में रंग जाता है, तब समाज में व्याप्त जाति-पांति, ऊंच-नीच और धर्म-संप्रदाय जैसे तमाम कृत्रिम भेद पूरी तरह गायब हो जाते हैं और यही वास्तविक धर्म की पहचान है। लेखिका ने पुस्तक में रामकृष्ण परमहंस की मां काली के प्रति अटूट आस्था और बंगाल की पारंपरिक दुर्गापूजा जैसे सांस्कृतिक उदाहरणों के माध्यम से मानवीय विश्वास की शक्ति को बेहद खूबसूरती से प्रतिपादित किया है।
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