Skip to content
Your cart is empty

Have an account? Log in to check out faster.

Continue shopping
Skip to product information
Tantrik Shuddhi Ka Aadhar by Osho.(GRADE-A)

Tantrik Shuddhi Ka Aadhar by Osho.(GRADE-A)

Sale price  Rs. 319.00 Regular price  Rs. 399.00

ओशो की पुस्तक 'तांत्रिक शुद्धि का आधार' (The Basis of Tantric Purification) मूल रूप से शिव-पार्वती संवाद के ग्रंथ 'विज्ञान भैरव तंत्र' पर आधारित है [Image 1, Image 5]। ओशो के अनुसार, तंत्र का अर्थ समाज द्वारा तय की गई नैतिक शुद्धता नहीं, बल्कि आंतरिक ऊर्जा का परम रूपांतरण है।पुस्तक में दिए गए मुख्य विचारों और अध्यायों का विस्तृत विवरण (Matter Description) निम्नलिखित है:1. सांस और शून्य का विज्ञान (The Science of the Breath Gap)ओशो इस बात पर जोर देते हैं कि जब सांस अंदर आती है और बाहर जाती है, तो उन दोनों गतियों के बीच एक अति-सूक्ष्म ठहराव (शून्य या Gap) होता है [Image 1]।यदि साधक उस छोटे से अंतराल के प्रति पूरी तरह होशपूर्ण हो जाए, तो वह सीधे अपने भीतर छिपे 'शिवत्व' या आत्म-स्वरूप का अनुभव कर सकता है।2. तांत्रिक शुद्धि बनाम सामाजिक शुद्धता (Tantric Purity vs. Moral Purity)सामान्य धर्म और समाज हर चीज़ को शुभ-अशुभ या अच्छे-बुरे में विभाजित करते हैं। तंत्र इस विभाजन को अशुद्धि मानता है।तंत्र के अनुसार, 'अभेद' (Non-duality) ही वास्तविक शुद्धि का आधार है। जब आप जीवन को बिना किसी निर्णय (Judgement) या विरोध के समग्रता में स्वीकार कर लेते हैं, तो मन स्वतः शुद्ध हो जाता है।3. शरीर और इंद्रियों की स्वीकार्यता (Reverence for the Body)जहाँ पारंपरिक दर्शन शरीर और वासनाओं के दमन (Suppression) की बात करते हैं, वहीं तंत्र शरीर को चेतना का मंदिर मानता है।ओशो समझाते हैं कि अपनी शारीरिक ऊर्जा, काम-ऊर्जा (Sexual Energy) और इंद्रियों का विरोध करने के बजाय, उनके प्रति जागरूक होकर ही उन्हें उच्च स्तर पर रूपांतरित (Transformed) किया जा सकता है।4. जीवन के साधारण कृत्यों में ध्यान (Totality in Daily Actions)ध्यान केवल आंख बंद करके बैठने का नाम नहीं है। यदि आप झाड़ू लगा रहे हैं, भोजन कर रहे हैं, या कोई भी छोटा काम कर रहे हैं, और उस समय पूरी तरह 'यहीं और अभी' (Here and Now) उपस्थित हैं, तो वह कृत्य तांत्रिक विधि बन जाता है।किसी भी कार्य को समग्रता (Totality) से करने पर मनुष्य अतीत के बोझ से मुक्त हो जाता है।5. निद्रा और स्वप्न साधना (Lucid Awareness in Dreams)पुस्तक में यह अनूठा सूत्र दिया गया है कि सोते समय और सपने देखते समय भी अपनी चेतना की धार को कैसे बनाए रखा जाए। जब व्यक्ति स्वप्न की अवस्था में सजग होने लगता है, तो वह मन के गहनतम परतों (Subconscious Mind) को शुद्ध करने में सक्षम हो जाता है।

Book cover type

0
0
0

Comments

Instgram Profile Picture

User Name 2 Days ago

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetuer adipiscing elit. Aenean commodo ligula eget dolor.

Please login to like & comment

Select Product:

The Collection Snowboard: Hydrogen
The Collection Snowboard: Hydrogen The Collection Snowboard: Hydrogen

Select Size:

  • S
Description: