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Premashram by Munshi Premchand. (GRADE-A)

Premashram by Munshi Premchand. (GRADE-A)

Sale price  Rs. 200.00 Regular price  Rs. 250.00

मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित उपन्यास 'प्रेमाश्रम' का यह चित्र ग्रामीण भारत के जीवंत परिवेश को दर्शाता है।दृश्य का विवरणमुख्य पात्र: चित्र के केंद्र में एक ग्रामीण महिला है, जो पारंपरिक पहनावे (घाघरा-चोली) में है। उसने अपने कंधे पर एक टोकरी उठाई हुई है, जो उसके दैनिक श्रम और ग्रामीण जीवन की संघर्षशीलता का प्रतीक है।पृष्ठभूमि: पीछे एक कच्चा घर (झोपड़ी) दिखाई दे रहा है, जिसके सामने मिट्टी के घड़े और अन्य घरेलू सामान रखे हैं। यह दृश्य 1920 के दशक के भारतीय गांवों की सादगी और यथार्थ को दर्शाता है।उपन्यास के बारे मेंविषय: 1922 में प्रकाशित यह उपन्यास मुख्य रूप से किसानों की समस्याओं, ज़मींदारी प्रथा के शोषण और ग्रामीण जीवन के सामाजिक संघर्षों पर आधारित है।सन्देश: इसमें प्रेमशंकर नामक पात्र के माध्यम से गांधीवादी आदर्शों और अहिंसक प्रतिरोध की झलक मिलती है। यह उपन्यास सामूहिकता और मानवीय सेवा (प्रेमाश्रम की स्थापना) पर जोर देता है।यह कवर आर्ट प्रेमचंद की लेखनी की विशेषता—यथार्थवाद (Realism)—को बखूबी पेश करता है, जहाँ आम आदमी और उसकी परिस्थितियों को सम्मान के साथ दिखाया गया है।

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