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Namak Ka Daroga Evam Pariksha by Munshi Premchand. (GRADE-A)

Namak Ka Daroga Evam Pariksha by Munshi Premchand. (GRADE-A)

Sale price  Rs. 90.00 Regular price  Rs. 99.00

मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियों का संग्रह "नमक का दरोगा एवं परीक्षा" दिखाया गया है। यह पुस्तक विशेष रूप से बच्चों और साहित्य प्रेमियों के लिए सरल भाषा में लिखी गई है।इस पुस्तक में शामिल दो मुख्य कहानियों का विवरण नीचे दिया गया है:1. नमक का दरोगायह मुंशी प्रेमचंद की एक बहुत ही प्रभावशाली लघु कथा है जो धन के ऊपर धर्म (ईमानदारी) की जीत को दर्शाती है।मुख्य पात्र: मुंशी वंशीधर (एक ईमानदार नमक निरीक्षक) और पंडित अलोपीदीन (एक शक्तिशाली और भ्रष्ट ज़मींदार)।सारांश: वंशीधर अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के कारण अलोपीदीन जैसे रसूखदार व्यक्ति को अवैध नमक के व्यापार के लिए गिरफ्तार कर लेते हैं। हालांकि, अलोपीदीन अपने धन के बल पर छूट जाते हैं और वंशीधर को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ता है। लेकिन अंत में, अलोपीदीन वंशीधर की सत्यनिष्ठा से प्रभावित होकर उन्हें अपनी पूरी जायदाद का मैनेजर नियुक्त करते हैं।2. परीक्षायह कहानी व्यक्ति के चरित्र, दया और आत्मबल की परीक्षा पर आधारित है।मुख्य पात्र: सरदार सुजानसिंह और पंडित जानकीनाथ।सारांश: देवगढ़ रियासत के दीवान सुजानसिंह अपने उत्तराधिकारी को चुनने के लिए एक अनोखी परीक्षा का आयोजन करते हैं। इसमें वह केवल बुद्धिमानी ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार की दयालुता और परोपकार की भावना को भी परखते हैं। पंडित जानकीनाथ एक गरीब किसान की मदद करके इस परीक्षा में सफल होते हैं।पुस्तक का विवरण:लेखक: मुंशी प्रेमचंदप्रकाशक: ओरिजिनल ब्लैक क्लासिक्स (Original Black Classics)मुख्य विषय: नैतिकता, ईमानदारी, और सामाजिक मूल्य

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