Mann Kya Hai? by J. Krishnamurti (GRADE-A)
यह पुस्तक सुप्रसिद्ध विचारक जे. कृष्णमूर्ति के मानवीय मन और चेतना की कार्यप्रणाली पर दिए गए गहन व्याख्यानों का संकलन है. लेखक स्पष्ट करते हैं कि हमारे मन का मतलब केवल मस्तिष्क की कार्यक्षमता नहीं है, बल्कि इसमें हमारी भावनाएं, अतीत की यादें, डर, ईर्ष्या और सामाजिक अनुकूलन (conditioning) भी शामिल हैं. इस किताब में समझाया गया है कि मनुष्य कैसे अपने ही विचारों के जाल और पुरानी स्मृतियों में कैद रहता है. कृष्णमूर्ति पाठकों को बिना किसी पूर्वाग्रह या गुरु के चश्मे के अपने मन का निष्पक्ष अवलोकन करना सिखाते हैं, ताकि मन पूरी तरह मौन और स्वतंत्र होकर असीम मानसिक ऊर्जा व आंतरिक शांति का अनुभव कर सके
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