Makaan by Shrilal Shukla (GRADE-B)
यह अनोखा उपन्यास मुख्य रूप से संगीत की पृष्ठभूमि पर एक कलाकार के जीवन की आकांक्षाओं, पारिवारिक जिम्मेदारियों और व्यवस्था जनित तनावों को केंद्र में रखकर बुना गया है। कहानी का मुख्य पात्र 'नारायण' एक बेहद हुनरमंद सितारवादक है, जो अपनी जीविका चलाने के लिए अपने परिवार को दूसरी जगह छोड़कर अपने पुराने शहर लौटता है और यहीं से उसकी एक अदद किराये के मकान को खोजने की जद्दोजहद शुरू होती है। इस कठिन तलाश के दौरान वह समाज के कई विसंगतिपूर्ण चेहरों से जुड़ता है, जिनमें मकान बांटने वाला भ्रष्ट अफसर, कर्मचारी यूनियन का चालाक नेता बारीन हालदार, उसकी पुरानी शिष्या श्यामा और वेश्या की पुत्री सिम्मी शामिल हैं, जो उसके जीवन के बिखराव को और तीखा बना देते हैं। जैसे-जैसे मकान की खोज आगे बढ़ती है, नारायण का अपने प्रिय सितार और संगीत से साथ छूटने लगता है, जो आधुनिक शहरी जीवन में एक कलाकार की कला के दम घुटने और सामाजिक शोषण को दर्शाता है।
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