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Krishnavatara Vol 5 Satyabhama by Kanhaiyalal Maneklal Munshi (Grade-C)

Krishnavatara Vol 5 Satyabhama by Kanhaiyalal Maneklal Munshi (Grade-C)

Sale price  Rs. 60.00 Regular price  Rs. 95.00

 "कृष्णावतार - भाग 5: सत्यभामा" कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी द्वारा रचित उनके सुप्रसिद्ध महाकाव्यात्मक उपन्यास श्रृंखला 'कृष्णावतार' का पाँचवाँ खंड है, जो भगवान श्री कृष्ण के जीवन और उनके दिव्य व्यक्तित्व पर आधारित है। यह विशेष भाग पौराणिक स्यमंतक मणि की प्रसिद्ध घटना के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसमें सत्यभामा के पिता सत्राजित कृष्ण पर मणि चुराने का झूठा आरोप लगाते हैं। कहानी में सत्यभामा के एक चंचल और हठी लड़की से एक परिपक्व, निस्वार्थ प्रेम करने वाली स्त्री बनने के सुंदर सफर को दिखाया गया है, जो कृष्ण को पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। कन्हैयालाल मुंशी ने अपनी अद्भुत और सजीव लेखन शैली से इस पौराणिक कथा को एक ऐतिहासिक और तार्किक नाटक के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसमें जाम्बवंत (रीछों के राजा) के साथ संघर्ष, सत्यभामा के साहसिक कारनामे और अंततः कृष्ण के साथ उनके विवाह की पूरी गाथा को बेहद रोमांचक और भावनात्मक रूप से पिरोया गया है।

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