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Kamayani by Jaishankar Prasad (Grade-A)

Kamayani by Jaishankar Prasad (Grade-A)

Sale price  Rs. 199.00 Regular price  Rs. 250.00
यह महाकाव्य जलप्रलय के बाद मानव सभ्यता के पुनर्जन्म की कहानी है। इसके मुख्य पात्र मनु, श्रद्धा और इड़ा हैं। कवि ने इस रचना में मानव मन के क्रमिक विकास को पंद्रह अलग-अलग सर्गों में दिखाया है। इसमें मनु मानव मन के प्रतीक हैं। श्रद्धा पवित्र हृदय की प्रतीक है। इड़ा तार्किक बुद्धि का प्रतिनिधित्व करती है। जलप्रलय के बाद अकेले बचे निराश मनु को श्रद्धा प्रेम और कर्म की प्रेरणा देती है। बाद में मनु अत्यधिक भौतिक सुख और कूटनीति के चक्कर में इड़ा की ओर आकर्षित हो जाते हैं। इससे उनके जीवन में भारी असंतुलन और विनाशकारी संघर्ष पैदा होता है। जयशंकर प्रसाद ने इस महाकाव्य के माध्यम से आधुनिक मनुष्य को एक बहुत बड़ा संदेश दिया है। केवल भौतिक प्रगति या केवल अत्यधिक भावुकता से जीवन पूर्ण नहीं हो सकता है। सच्चा सुख पाने के लिए बुद्धि, हृदय और कर्म के बीच 'समरसता' यानी संतुलन होना बहुत जरूरी है। यह कृति अपनी दार्शनिक गहराई के कारण हिंदी साहित्य का सबसे अनमोल रत्न मानी जाती है।
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