Kala Naag by Surender Mohan Pathak.(GRADE-A)
यह छवि सुप्रसिद्ध हिंदी अपराध कथा लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक द्वारा लिखित उपन्यास "काला नाग" का कवर पेज है।उपन्यास के बारे में मुख्य जानकारी:विषय-वस्तु: यह एक रोमांचक थ्रिलर है जो मुंबई अंडरवर्ल्ड, पुलिस विभाग की आंतरिक राजनीति और ड्रग्स के काले कारोबार के इर्द-गिर्द घूमती है।मुख्य पात्र: कहानी का केंद्र एक पुलिस अधिकारी है जो अपनी निजी दुश्मनी (ज़ाती रंजिश) के कारण अपने ही सब-इंस्पेक्टर का दुश्मन बन जाता है। वह खुद को 'काला नाग' कहता है, क्योंकि उसका मानना है कि उसका वार सबसे घातक होता है।शैली: इसमें मुंबई की स्थानीय भाषा (मुंबइया जुबान) का प्रभाव देखने को मिलता है, जो कहानी को और अधिक यथार्थवादी बनाता है।पुस्तक का विवरण:प्रकाशक: हिंद पॉकेट बुक्स / पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया।पेज: लगभग 384-392 पेज।टैगलाइन: कवर पर नीचे की ओर लिखा है— "उसका काटा पानी नहीं मांगता था, फिर एक दिन..."।यह उपन्यास अपने सस्पेंस और पाठक जी की विशिष्ट लेखन शैली के लिए जाना जाता है।
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