Jugalbandi by Giriraj Kishore (GRADE-B)
उपन्यास का सारांश:'जुगलबंदी' उपन्यास दूसरे विश्वयुद्ध से लेकर भारत की आज़ादी तक के समय काल को दर्शाता है। यह उस दौर की कहानी है जब भारतीय समाज आज़ादी के जोश और दशकों पुरानी ग़ुलामी की मानसिकता के बीच झूल रहा था।इस उपन्यास के मुख्य विषय निम्नलिखित हैं:द्वन्द्वात्मक स्थिति: इसमें उन लोगों का चित्रण है जो ब्रिटिश शासन और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बीच फंसे हुए थे।सामंती व्यवस्था का पतन: लेखक ने स्वतंत्रता के समय बदलती सामाजिक और आर्थिक स्थितियों का गहरा वर्णन किया है।ऐतिहासिक संदर्भ: यह उपन्यास उस समय के संघर्षों और समाज में आने वाले बदलावों को एक महाकाव्यात्मक रूप में प्रस्तुत करता है।गिरिराज किशोर हिंदी साहित्य के एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पद्मश्री और साहित्य अकादमी पुरस्कार जैसे सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
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