Kyo Kare Prathna 5 by Arun Maheshwari and Sarla Maheswari (GRADE-C)
यह पुस्तक प्रख्यात प्रगतिशील जन-कवि हरीश भादानी द्वारा रचित एक बेहद सशक्त और क्रांतिकारी कृति है, जिसे 'हरीश भादानी रचना समग्र' के अंतर्गत संपादक अरुण माहेश्वरी और सरला माहेश्वरी द्वारा संकलित किया गया है। 'क्यों करें प्रार्थना' मनुष्य को रूढ़ियों, सामाजिक पाखंड और अंधविश्वासों पर प्रश्न खड़ा करने की प्रेरणा देती है। मार्क्सवादी और जनवादी विचारधारा से गहरे प्रभावित होने के कारण, भादानी जी ने इसमें यह विचार प्रस्तुत किया है कि केवल हाथ जोड़कर प्रार्थना करने या दैवीय शक्तियों के भरोसे बैठने से शोषित समाज की नियति नहीं बदल सकती। वास्तविक बदलाव प्रार्थना से नहीं बल्कि मेहनतकश वर्ग के संगठित संघर्ष, कर्म, और प्रतिरोध से आता है। संपादकों ने इस संग्रह में कवि की तीखी जन-चेतना और व्यवस्था के खिलाफ उनके क्रांतिकारी सुरों को बेहद प्रामाणिकता के साथ सहेजा है।
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