Jeevan Kya Hai by Osho,(GRADE-A)
यहाँ इस पुस्तक की विय-वस्तु (Book Matter) का विस्तृत विवरण हिंदी में दिया गया है:मुख्य विषय-वस्तु (Core Philosophy)ओशो की यह पुस्तक "जीवन क्या है?" मनुष्य के अस्तित्व, उसके संघर्ष और आत्म-खोज पर आधारित एक गहरा आध्यात्मिक विमर्श है。 इस पुस्तक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:जन्म और जीवन में अंतर: ओशो के अनुसार, जन्म हमें केवल एक अवसर के रूप में मिलता है。 लेकिन सच्चा "जीवन" क्या है, इसे हर व्यक्ति को स्वयं खोजना और साधना पड़ता है。तनाव की परिभाषा: वे बताते हैं कि मनुष्य का सारा तनाव भविष्य में कहीं पहुँचने की अंधी दौड़ के कारण है。 जैसे ही आप यह मान लेते हैं कि आपको कहीं नहीं जाना है और आप वर्तमान में ठहर जाते हैं, वैसे ही मन पूर्ण विश्राम और शांति का अनुभव करता है साधना और लोभ: जीवन की शुरुआत अक्सर इंसानी लोभ (Greed) से होती है. ओशो का मानना है कि साधना या आत्म-रूपांतरण के मार्ग पर 'लोभ' जैसे शब्दों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है, क्योंकि यह खोज बाहर की नहीं बल्कि भीतर की है。वर्तमान में जीना: यह पुस्तक किसी रूढ़िवादी नियम को नहीं सिखाती, बल्कि जागरूकता, ध्यान (Meditation) और बिना किसी मानसिक कंडीशनिंग के जीवन को पूरी जीवंतता से जीने की कला सिखाती है。
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