Jaishankar Prasad: Rangdristi (Khand 1) by Mahesh Anand (GRADE-C)
यह पुस्तक प्रख्यात नाट्य समीक्षक और रंग-अध्येता महेश आनंद द्वारा लिखी गई एक अत्यंत महत्वपूर्ण आलोचनात्मक कृति है. इस पुस्तक में हिंदी साहित्य के महान नाटककार जयशंकर प्रसाद के नाटकों, उनके रंग-चिन्तन और मंचीय संभावनाओं का बहुत ही गहरा और प्रामाणिक विश्लेषण किया गया है. लेखक ने नाटककार प्रसाद से संबंधित उन भ्रांतियों को दूर करने का सफल प्रयास किया है जो उनके नाटकों को 'अमंचनीय' (जो मंच पर न खेला जा सके) मानती थीं. पुस्तक में प्रसाद के ऐतिहासिक नाटकों के शिल्प, वेशभूषा, दृश्य-संरचना और उनके गहरे वैचारिक तनावों की विस्तार से व्याख्या की गई है. नाट्य कला, रंगमंच के इतिहास और प्रसाद जी के नाटकों के मंचीय सफर को गहराई से समझने के लिए यह पुस्तक साहित्य और थियेटर प्रेमियों के लिए एक अनिवार्य ग्रंथ है I
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