Hazaar Haath by Surender Mohan Pathak. (GRADE-A)
यह छवि प्रसिद्ध हिंदी अपराध लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक द्वारा लिखित उपन्यास "हज़ार हाथ" के मुखपृष्ठ (कवर) को दिखाती है।इस पुस्तक के बारे में कुछ मुख्य विवरण यहाँ दिए गए हैं:लेखक: सुरेन्द्र मोहन पाठक, जिन्हें हिंदी अपराध कथाओं का "बेदशाह" माना जाता है।सीरीज: यह उपन्यास उनकी सबसे लोकप्रिय 'विमल सीरीज' का हिस्सा है। इस सीरीज का नायक 'विमल' (असली नाम सरदार सुरेन्द्र सिंह सोहल) एक ऐसा अपराधी है जिसके अपने नैतिक सिद्धांत हैं।कहानी का सारांश: उपन्यास की कहानी विमल के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका गृहस्थ जीवन एक पुराने दुश्मन (आततायी) के आने से संकट में पड़ जाता है। कहानी दर्शाती है कि विमल के पास अपने दुश्मनों का सामना करने के लिए 'दो नहीं, हज़ार हाथ' थे।प्रकाशन: यह पहली बार 1998 में प्रकाशित हुआ था और बाद में इसे हार्पर हिंदी (Harper Hindi) द्वारा फिर से जारी किया गया।पृष्ठ संख्या: इस पुस्तक के विभिन्न संस्करणों में लगभग 287 पृष्ठ हैं।यह एक क्राइम थ्रिलर (रोमांचक अपराध कथा) है जिसमें रहस्य और संघर्ष का मेल है।
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