Goonge Keri Sarkara by Osho.(GRADE-A)
यह छवि ओशो (Osho) द्वारा लिखित पुस्तक "गूँगे केरी सरकरा" की है। इस पुस्तक का मुख्य विवरण नीचे दिया गया है:पुस्तक के बारे मेंशीर्षक: गूँगे केरी सरकरालेखक: ओशो (रजनीश)विषय: यह पुस्तक संत कबीर दास की वाणी और उनके प्रवचनों पर आधारित है।मुख्य दर्शन: इस पुस्तक का शीर्षक कबीर के प्रसिद्ध दोहे "गूंगे केरी सरकरा, खाइ और मुस्काय" से प्रेरित है। इसका अर्थ है कि जिस प्रकार एक गूंगा व्यक्ति गुड़ खाकर उसका स्वाद शब्दों में बयान नहीं कर सकता और केवल मुस्कुरा सकता है, उसी तरह ईश्वर या आत्म-साक्षात्कार का अनुभव शब्दों से परे है।प्रमुख बिंदुओशो इस पुस्तक में कबीर के वचनों को "बीज-मंत्र" के समान बताते हैं।पुस्तक में असुरक्षा में जीने, प्रेम साधना का सार-तत्व, और अकेले होने के साहस जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।यह आत्मिक विकास और ध्यान में रुचि रखने वालों के लिए एक प्रेरणादायक कृति है।