Dhyan by J. Krishnamurti (GRADE-A)
यह पुस्तक प्रसिद्ध दार्शनिक और आध्यात्मिक विचारक जिड्डू कृष्णमूर्ति के ध्यान संबंधी विचारों का एक उत्कृष्ट संग्रह है। लेखक ने इसमें स्पष्ट किया है कि ध्यान कोई जबरदस्ती किया जाने वाला अभ्यास, मंत्र या किसी यांत्रिक तकनीक का नाम नहीं है, बल्कि यह मन की एक ऐसी सहज व शांत स्थिति है जो पूरी तरह से सजग और चयनरहित जागरूकता (Choiceless Awareness) से भरी होती है। यह किताब पारंपरिक ध्यान पद्धतियों के भ्रम को तोड़ती है और पाठकों को अपने स्वयं के विचारों, गहरे डरों और इच्छाओं को बिना किसी पूर्वाग्रह के गहराई से देखने व आत्म-साक्षात्कार करने की अंतर्दृष्टि प्रदान करती है
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