Chandranath Sharat Chandra Chattopadhyay
चन्द्रनाथ शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय,
20वीं सदी के सबसे लोकप्रिय बंगाली उपन्यासकार,
स्पष्ट ईमानदारी और बुनियादी बातों को प्रतिबिंबित करने वाली कहानियाँ लिखीं
यथार्थवाद। उनकी कई कृतियाँ दुर्दशा और
ग्रामीण बंगाली समाज में महिलाओं द्वारा झेला जाने वाला उत्पीड़न
उस दौरान उन्होंने इसकी निंदा की और इसके बारे में लिखा।
सामाजिक अंधविश्वास और संकीर्ण मानसिकता
देश भर में छा गया। शरत चंद्र द्वारा रचित चंद्रनाथ एक
चंद्रनाथ की प्रेम कहानी को दर्शाने वाला लोकप्रिय उपन्यास
और सरयू। शरतचंद्र ने जिस तरह से सरयू का चित्रण किया है
बचपन में बंधे रिश्तों की पेचीदगियाँ,
पढ़ने लायक। जिस तरह से प्रेमी युगल अपनी मुश्किलों पर काबू पाते हैं
द्वारा लगाए गए बंधनों को तोड़ते हुए अवरोधों को दूर करना
समाज में व्याप्त तनाव के कारण, समय के साथ उनका प्यार और अधिक गहरा और मजबूत होता जाता है।
दत्ता दत्ता एक ऐसी लड़की की कहानी है जिसने अपनी सारी इच्छाएं त्याग दी
अपने पिता के आत्मसमर्पण के लिए। यह कहानी बताती है