Boond Aur Samudra by Amritlal Nagar (GRADE-C)
यह छवि अमृतलाल नागर द्वारा लिखित प्रसिद्ध हिंदी उपन्यास 'बूँद और समुद्र' की है।उपन्यास के बारे में मुख्य जानकारी:लेखक: अमृतलाल नागर, जो हिंदी साहित्य के अग्रणी उपन्यासकारों में से एक हैं।प्रकाशन: यह उपन्यास पहली बार 1956 में प्रकाशित हुआ था।विषय-वस्तु: यह उपन्यास मुख्य रूप से लखनऊ के मध्यवर्गीय समाज का सजीव चित्रण करता है। इसमें लेखक ने समाज के विभिन्न वर्गों के रीति-रिवाजों, कुंठाओं और जीवन के संघर्षों को बहुत गहराई से उकेरा है।प्रतीकात्मक अर्थ: इस कृति का शीर्षक प्रतीकात्मक है; यहाँ 'बूँद' व्यक्ति को और 'समुद्र' समाज को दर्शाता है। यह व्यक्ति और समाज के बीच के गहरे संबंध को व्यक्त करता है।पुरस्कार: अमृतलाल नागर को उनके साहित्यिक योगदान के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार और सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार जैसे सम्मानों से नवाजा गया है।यह उपन्यास अपनी सजीव पात्र-योजना, विशेषकर 'ताई' जैसे चरित्रों के लिए, हिंदी उपन्यास परंपरा में एक कालजयी कृति माना जाता है।
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