Skip to product information
Bharmargeet Saar by Acharya Ramchandra Shukla (Grade-A)
Sale price
Rs. 140.00
Regular price
Rs. 175.00
'भ्रमरगीत सार' आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा सम्पादित महाकवि सूरदास के पदों का एक सर्वश्रेष्ठ संग्रह है।
- संपादन: शुक्ल जी ने सूरसागर के विशाल भंडार से लगभग 400 महत्वपूर्ण पदों को चुनकर उन्हें 'भ्रमरगीत सार' के रूप में व्यवस्थित किया.
- कथावस्तु: इसमें उद्धव और गोपियों के बीच के संवाद का वर्णन है। उद्धव, जो निर्गुण ब्रह्म और योग के अभिमानी हैं, कृष्ण का संदेश लेकर ब्रज आते हैं। गोपियाँ एक भ्रमर (भौंरे) को माध्यम बनाकर उद्धव के ज्ञान-मार्ग का उपहास करती हैं और अपने अनन्य कृष्ण-प्रेम को श्रेष्ठ सिद्ध करती हैं.
- दार्शनिक पक्ष: इस कृति में 'सगुण भक्ति' का मंडन और 'निर्गुण ज्ञान' का खंडन अत्यंत तर्कपूर्ण और कलात्मक ढंग से किया गया है.
User Name 2 Days ago
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetuer adipiscing elit. Aenean commodo ligula eget dolor.