Bhagya Nagar Ka Qaidi by Tejpal Singh Dhama (GRADE-C)
किताब महल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित एक ऐतिहासिक और जीवनपरक उपन्यास है, जो हैदराबाद के आखिरी निज़ाम (मीर उस्मान अली खान) के जीवन और उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों पर आधारित है. 'भाग्यनगर' ऐतिहासिक रूप से हैदराबाद का ही एक प्राचीन नाम माना जाता है. इस उपन्यास में दिखाया गया है कि कैसे निज़ाम, जो कभी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक थे, भारत की आज़ादी (1947) के समय भारतीय संघ में शामिल होने से कतरा रहे थे. कहानी उनके अहंकार, उनके दरबार की साज़िशों, रज़ाकारों के अत्याचार और अंततः भारत सरकार द्वारा की गई 'ऑपरेशन पोलो' (सैन्य कार्रवाई) के इर्द-गिर्द घूमती है. यह किताब निज़ाम के पतन और उनके अपने ही महल या परिस्थितियों में एक 'कैदी' की तरह सिमट जाने की दास्तां को बेहद रोचक ढंग से बयां करती है.
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