Apsara Ka Shap by Yashpal (GRADE-B)
स्वातंत्र्योत्तर भारत के महान कथाकार यशपाल द्वारा रचित 'अप्सरा का शाप' हिंदी साहित्य का एक अत्यंत विशिष्ट उपन्यास है, जिसे Rajkamal Prakashan द्वारा प्रकाशित किया गया है. इस उपन्यास में लेखक ने महाकवि कालिदास के प्रसिद्ध नाटक 'अभिज्ञानशाकुंतलम्' और महाभारत की दुष्यंत-शकुंतला की पारंपरिक पौराणिक कथा को आधुनिक, तार्किक और बौद्धिक संवेदना के आधार पर दोबारा नए दृष्टिकोण से लिखा है. पारंपरिक कथा जहाँ शकुंतला के पतिव्रत धर्म और महर्षि दुर्वासा के श्राप के इर्द-गिर्द घूमती है, वहीं यशपाल ने इस रचना में दुर्वासा के अलौकिक श्राप जैसी काल्पनिक बातों को नकार कर इसे एक व्यावहारिक रूप दिया है. उपन्यास का मुख्य विषय राजा दुष्यंत द्वारा अपनी स्वार्थसिद्धि और राजनीतिक मजबूरियों के कारण शकुंतला से किए गए गांधर्व विवाह और उसके प्रेम संबंधों को भूल जाना है.
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