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Ajatshatru by Jaishankar Prasad (GRADE-A)
Sale price
Rs. 140.00
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Rs. 175.00
'अजातशत्रु' महाकवि और नाटककार जयशंकर प्रसाद द्वारा सन् १९२२ में रचित एक ऐतिहासिक और कालजयी नाटक है. यह नाटक प्राचीन भारत के तीन प्रमुख राजवंशों—मगध, कोसल और कौशाम्बी के आंतरिक घटनाक्रमों, राजसी संघर्षों और उनके उत्तराधिकार के नियमों पर आधारित है. कहानी का मुख्य केंद्र मगध का महत्वाकांक्षी राजकुमार अजातशत्रु है, जो सत्ता और परम अधिकार की अंधी लालसा में अपने ही पिता, उदार सम्राट बिंबिसार को बंदी बनाकर सिंहासन छीन लेता है. प्रसाद जी ने इस नाट्य कृति में केवल राजनीतिक षड्यंत्रों, युद्धों और कूटनीति को ही नहीं दिखाया है, बल्कि पारिवारिक संबंधों के अंतर्द्वंद्व, मानवीय गरिमा, नारीत्व के सम्मान और सत्ता के अहंकार को बहुत ही दार्शनिक रूप में उकेरा है. नाटक में भगवान बुद्ध का आगमन और उनके शांतिप्रिय उपदेश कहानी को एक गहरा आध्यात्मिक मोड़ देते हैं, जो अंततः अजातशत्रु के भीतर भारी पश्चाताप जगाते हैं और उसे अपनी भूलों के लिए पिता से क्षमा मांगने पर विवश करते हैं. उत्कृष्ट संवाद योजना और तत्सम प्रधान खड़ी बोली में लिखा गया यह नाटक प्राचीन गौरवशाली इतिहास के माध्यम से मानवीय स्वभाव की जटिल परतों को उजागर करता है.