Aavaje Aur Divareen by Vaikom Muhammad Basheer (GRADE-B)
मलयालम के महानतम लेखक वैकोम मुहम्मद बशीर द्वारा रचित 'आवाजें और दीवारें' (Voices and The Walls) वास्तव में उनकी दो बेहद प्रसिद्ध लघु उपन्यासों 'शब्दांगल' और 'मतिलुकल' का एक संयुक्त अनुवाद रूप है। इस कहानी का मुख्य हिस्सा 'दीवारें' (Mathilukal) बशीर के स्वयं के जेल जीवन के वास्तविक अनुभवों और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कथानक के केंद्र में एक राजनीतिक कैदी (स्वयं बशीर) है, जिसे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लिखने के जुर्म में कैद किया गया है और वह जेल की ऊंची, बेरहम कंक्रीट की दीवारों के बीच अकेलापन महसूस करता है। कहानी में एक अद्भुत मोड़ तब आता है जब उसे जेल की दूसरी तरफ की महिला वार्ड से एक महिला कैदी 'नारायणी' की जादुई और स्नेहपूर्ण आवाज सुनाई देती है।