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Aaj Ka Hindi Natak: Pragati Aur Prabhav (GRADE-A)

Aaj Ka Hindi Natak: Pragati Aur Prabhav (GRADE-A)

Sale price  Rs. 340.00 Regular price  Rs. 425.00

यह छवि प्रसिद्ध साहित्यकार और आलोचक दशरथ ओझा द्वारा लिखित पुस्तक "आज का हिन्दी नाटक: प्रगति और प्रभाव" का कवर पृष्ठ है।पुस्तक का विवरणलेखक: आचार्य दशरथ ओझा, जो दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक रहे और हिन्दी नाट्य-आलोचना के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं।विषय: यह एक आलोचनात्मक ग्रंथ है जो स्वातंत्र्योत्तर (आजादी के बाद) हिन्दी नाटकों के इतिहास और विकास पर केंद्रित है।प्रमुख बिंदु:इसमें जगदीश चंद्र माथुर, धर्मवीर भारती और सुरेंद्र वर्मा जैसे महत्वपूर्ण नाटककारों के कार्यों का विश्लेषण किया गया है।यह पुस्तक हिन्दी नाटकों की आधुनिक प्रवृत्तियों और उनके सामाजिक-साहित्यिक प्रभाव को गहराई से स्पष्ट करती है।यह ग्रंथ पहली बार 1984 में प्रकाशित हुआ था और इसे अक्सर लेखक की दूसरी प्रसिद्ध कृति "हिन्दी नाटक: उद्भव और विकास" के अगले खंड के रूप में देखा जाता है।प्रकाशक: राजपाल एंड संस (Rajpal & Sons)।कवर पर दो नाट्य मुखौटों (Drama masks) का चित्र है, जो पारंपरिक रूप से नाटक और रंगमंच का प्रतीक माना जाता है।

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