Skip to product information
राम की शक्ति पूजा by Suryakant Tripathi (GRADE-A)
Sale price
Rs. 160.00
Regular price
Rs. 200.00
'राम की शक्ति पूजा' निराला की एक कालजयी रचना है जो आधुनिक भावबोध और सांस्कृतिक गौरव का संगम है.
- कथानक: यह कविता उस क्षण से शुरू होती है जब प्रथम दिन के युद्ध में रावण की अजेय शक्ति को देखकर श्री राम हताश हो जाते हैं। जामवंत की सलाह पर राम 'शक्ति की मौलिक कल्पना' करते हैं और देवी की कठिन आराधना में लीन हो जाते हैं.
- मानवीय राम: निराला ने यहाँ राम को एक अलौकिक अवतार के बजाय एक 'वीर पुरुष' और 'मानव' के रूप में चित्रित किया है, जो संशय, निराशा और आंसुओं से जूझता है.
- शक्ति की साधना: कविता का मुख्य संदेश 'आराधन का दृढ़ आराधन से दो उत्तर' है, यानी अधर्म की शक्ति को हराने के लिए सत्य और नैतिक शक्ति का अर्जन आवश्यक है.
- साहित्यिक शिल्प: यह 312 पंक्तियों की एक लंबी कविता है, जो निराला के विशिष्ट 'शक्ति पूजा' छंद में लिखी गई है.
User Name 2 Days ago
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetuer adipiscing elit. Aenean commodo ligula eget dolor.