Karmabhoomi by Munshi Premchand (GRADE-A)
यह छवि मुंशी प्रेमचंद के प्रसिद्ध उपन्यास 'कर्मभूमि' की है। यह प्रेमचंद के सबसे महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी उपन्यासों में से एक माना जाता है।'कर्मभूमि' उपन्यास का विवरणमुख्य विषय: यह एक राजनीतिक और सामाजिक उपन्यास है, जो 1930 के दशक के भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधारों पर आधारित है।कहानी का सार: उपन्यास में बनारस के एक मध्यमवर्गीय परिवार के युवक अमरकांत के जीवन और उसके वैचारिक संघर्ष को दिखाया गया है। वह अपने पिता के व्यावसायिक दृष्टिकोण और धार्मिक रूढ़ियों को त्यागकर अछूतोद्धार और किसानों के हक की लड़ाई में शामिल हो जाता है।प्रमुख मुद्दे:किसानों पर ज़मींदारों के अत्याचार और अधिकारियों की बर्बरता।अछूतों के मंदिर प्रवेश का आंदोलन और जातिगत भेदभाव।गांधीवादी विचारधारा, अहिंसा और सत्याग्रह का प्रभाव।शिक्षा प्रणाली की आलोचना और समाज सुधार का संदेश।प्रमुख पात्र: अमरकांत (नायक), समरकांत, सुखदा, नैना, सकीना और डॉ. शांतिकुमार।प्रकाशन विवरण:यह उपन्यास पहली बार 1932 में प्रकाशित हुआ था। वर्तमान में यह विभिन्न प्रकाशकों द्वारा उपलब्ध है, जैसे 'साहित्य सरोवर' या 'ओरिजिनल ब्लैक क्लासिक्स'।