Tao Upanishad part 5 by Osho.(GRADE-C)
ताओ उपनिषद (भाग ५)' पुस्तक ओशो (भगवान श्री रजनीश) द्वारा चीनी रहस्यवादी और दार्शनिक लाओत्सु (Lao Tzu) के 'ताओ-तेह-चिंग' (Tao Te Ching) पर दिए गए अद्भुत प्रवचनों का संग्रह है [1, 2]।इस पुस्तक की मुख्य विषय-वस्तु (Matter Description) नीचे दिए गए बिंदुओं के माध्यम से समझी जा सकती है:१. 'ताओ' (The Way) का अर्थप्राकृतिक मार्ग: ताओ का सीधा अर्थ है 'मार्ग' या 'प्रकृति का नियम'। ओशो समझाते हैं कि ताओ कोई धर्म, ईश्वर या सिद्धांत नहीं है, बल्कि जीवन को उसकी समग्रता और स्वाभाविकता में जीने का ढंग है।सहजता का संदेश: यह पुस्तक सिखाती है कि जीवन में बनावट या जबरदस्ती के अनुशासन के बजाय सहजता (Spontaneity) से जीना ही वास्तविक आध्यात्मिकता है।
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