Santan Sukh: Sarvanga Chintan by Mridula Trivedi (Grade A)
यह प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य मृदुला त्रिवेदी द्वारा लिखित एक बेहद प्रामाणिक और गहन ज्योतिषीय ग्रंथ है, जिसे वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टिकोणों से तैयार किया गया है। पुस्तक मुख्य रूप से कुंडली के 'पंचम भाव' (पुत्र/संतान भाव), देवगुरु बृहस्पति की स्थिति और संतान प्राप्ति के मार्ग में आने वाली बाधाओं पर केंद्रित है। इसमें अत्यंत सरल हिंदी में समझाया गया है कि किस प्रकार विभिन्न ग्रहों की स्थिति, दशा-फल और पूर्व जन्म के कर्मों के कारण संतान सुख में देरी (Delay) या संतान हानि (Loss) जैसे संकट उत्पन्न होते हैं। पाठकों के मार्गदर्शन के लिए इस पुस्तक में शास्त्रों पर आधारित 250 से अधिक वास्तविक जन्मकुंडलियों का व्यावहारिक विश्लेषण शामिल है। साथ ही, इसके समाधान (Remedies) के रूप में प्रामाणिक मंत्र, विशेष पूजन विधान, यंत्र साधना, दान और शास्त्रसम्मत आयुर्वेदिक औषधीय प्रयोगों का भी विशद विवेचन किया गया है
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