Ram Prasad Bismil.(GRADE-A)
यह प्रसिद्ध क्रांतिकारी रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा है।पुस्तक का विवरण:लेखन का समय: बिस्मिल ने इसे दिसंबर 1927 में गोरखपुर जेल में अपनी फाँसी से कुछ दिन पहले लिखा था।मूल नाम: इसका मूल शीर्षक 'निज जीवन की एक छटा' था।विषय-वस्तु: इस पुस्तक में उन्होंने अपने क्रांतिकारी जीवन, काकोरी कांड की योजना, अपनी देशभक्ति की भावना, और अपनी माँ व गुरु के प्रति प्रेम का भावपूर्ण वर्णन किया है।महत्व: यह पुस्तक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रामाणिक दस्तावेज़ मानी जाती है। जेल की कालकोठरी में पेंसिल से लिखी गई यह आत्मकथा साहस और बलिदान की एक प्रेरणादायक गाथा है।
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