Premyog by Swami Vivekananda.(GRADE-A)
यह चित्र स्वामी विवेकानंद द्वारा रचित प्रसिद्ध पुस्तक 'प्रेमयोग' का है।इस पुस्तक का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है:मुख्य विषय: यह पुस्तक 'भक्ति योग' के सिद्धांतों पर आधारित है, जिसे विवेकानंद ने 'प्रेम का मार्ग' बताया है।सार: इसमें बताया गया है कि निस्वार्थ प्रेम ही ईश्वर तक पहुँचने का सबसे सरल मार्ग है। जब प्रेम आसक्ति और अहंकार से मुक्त हो जाता है, तो वह 'भक्ति' बन जाता है।मूल कृति: यह पुस्तक उनके द्वारा इंग्लैंड और अमेरिका में दिए गए व्याख्यानों 'रिलीजन ऑफ लव' (Religion of Love) का हिंदी अनुवाद है।संदेश: विवेकानंद के अनुसार, प्रेम ही जीवन का सबसे बड़ा बल है और दूसरों की भलाई करना ही सच्ची साधना है।
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