Prashanti Se Spandit by Gurumayi Chidvilasananda and Swami Muktananda (GRADE-A)
पीठ द्वारा प्रकाशित 'प्रशांत से स्पंदित' (Prashanti Se Spandit) गुरुमयी चिद्विलासानंद और स्वामी मुक्तानंद के परम पावन वचनों, उपदेशों और लेखों का एक अत्यंत अमूल्य दैनिक चिंतन संकलन है. इस आध्यात्मिक पुस्तक की संरचना साल के 12 महीनों के आधार पर की गई है, जहाँ प्रत्येक महीने के लिए सिद्ध योग दर्शन और संस्कृति के एक विशिष्ट मौलिक विषय (Theme) को निर्धारित किया गया है. पुस्तक में रोजमर्रा की जिंदगी में ध्यान, आत्म-साक्षात्कार, मानसिक शांति और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण विकसित करने के लिए प्रतिदिन पढ़ने और मनन करने योग्य दिव्य सूत्र दिए गए हैं. इसके अलावा, इस विशेष संग्रह में सन् 1962 से 1966 के दौर के कुछ ऐसे दुर्लभ संवादों को भी शामिल किया गया है, जिनमें स्वामी मुक्तानंद ने साधकों द्वारा पूछे गए गंभीर आध्यात्मिक और व्यावहारिक प्रश्नों के बहुत ही सरल व वैज्ञानिक समाधान दिए हैं.