Nirja by Mahadevi Verma.(GRADE-A)
यह छवि महान हिंदी कवयित्री महादेवी वर्मा द्वारा रचित प्रसिद्ध काव्य-संग्रह "नीरजा" की है।पुस्तक का विवरण:लेखिका: महादेवी वर्मा, जिन्हें "आधुनिक मीरा" के रूप में भी जाना जाता है।संग्रह का प्रकार: यह उनका तीसरा कविता-संग्रह है, जो मूल रूप से 1934 में प्रकाशित हुआ था।मुख्य विषय: इस पुस्तक की कविताओं में विरह, वेदना, करुणा और आध्यात्मिकता का सुंदर समन्वय मिलता है। इसमें आत्मा और परमात्मा के प्रेमपूर्ण संबंधों को मधुर गीतों के माध्यम से व्यक्त किया गया है।सम्मान: इस महत्वपूर्ण कृति के लिए महादेवी वर्मा को 'सक्सेरिया पुरस्कार' (1934) से सम्मानित किया गया था।प्रमुख विशेषताएँ:इसमें 50 से अधिक कविताएँ संकलित हैं।इसकी भाषा अत्यंत कोमल, मधुर और परिपक्व है।पुस्तक के कवर पर लेखिका की तस्वीर और कमल के पत्तों (नीरजा का अर्थ 'कमल' होता है) का चित्रण है।यह पुस्तक हिंदी साहित्य के छायावाद युग की एक अनमोल धरोहर मानी जाती है।