Mahasagar by Jayvant Dalvi (GRADE-C)
यह नाटक मानव-मन और सामाजिक रिश्तों की गहरी परतों को उजागर करता है. कहानी के मुख्य पात्र दिगम्बर और सुमी दो अच्छे मित्र हैं, जो अपने-अपने परिवारों में खुश हैं. लेकिन जीवन में परेशानियां तब शुरू होती हैं जब दिगम्बर की पत्नी चम्पू, दिगम्बर के मानसिक रूप से अस्वस्थ छोटे भाई वसंत के कारण असहज महसूस करने लगती है. दूसरी तरफ, सुमी अपने बॉस रहमान के प्रति आकर्षित हो जाती है. यह नाटक दिखाता है कि कैसे इंसानी भावनाएं एक विशाल 'महासागर' का रूप ले लेती हैं, जिसकी तेज लहरों के सामने समाज और परिवार जैसी संस्थाएं एक नाजुक झोपड़ी की तरह हिलने लगती हैं. यह इंसानी रिश्तों, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक बंधनों का एक बहुत ही भावुक और यथार्थवादी चित्रण है
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