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Kayakalp by Munshi Premchand (GRADE-A)

Kayakalp by Munshi Premchand (GRADE-A)

Sale price  Rs. 200.00 Regular price  Rs. 250.00
यह उपन्यास प्रेमचंद की अन्य रचनाओं से काफी अलग है क्योंकि इसमें सामाजिक यथार्थ के साथ-साथ रहस्यवाद, पुनर्जन्म और अलौकिक तत्वों का समावेश किया गया है। कहानी मुख्य रूप से राजा विशाल सिंह, चक्रधर और रानी देवप्रिया के इर्द-गिर्द घूमती है। इसके माध्यम से प्रेमचंद ने तत्कालीन रियासतों के राजाओं के विलासी जीवन, जमींदारों द्वारा किसानों के अमानवीय शोषण, और सांप्रदायिक दंगों की कड़वी सच्चाई को दिखाया है। उपन्यास का मुख्य नायक चक्रधर एक आदर्शवादी युवक है जो किसानों और गरीबों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता है। वहीं दूसरी ओर, रानी देवप्रिया के चरित्र के माध्यम से वासना, अमरता की चाह और कायाकल्प (पुनर्यौवन) की अलौकिक घटना को दार्शनिक रूप में पिरोया गया है। यह उपन्यास यह संदेश देता है कि मनुष्य का असली कायाकल्प बाहरी शरीर बदलने से नहीं, बल्कि उसके आंतरिक विचारों, नैतिक मूल्यों और समाज-सेवा की भावना से होता है।
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