Ganeshpuri Niwasi Bhagavan Nityananda by Swami Muktananda (GRADE-A)
यह पुस्तक सिद्ध योग के संस्थापक स्वामी मुक्तानंद द्वारा अपने परम पूजनीय गुरु, आधुनिक भारत के महानतम संतों में से एक, भगवान नित्यानंद के दिव्य जीवन और उनकी अमर शिक्षाओं पर लिखा गया एक अत्यंत मार्मिक और प्रामाणिक जीवन चरित्र है। लेखक ने इस जीवनी में बड़े ही सरल शब्दों में अपने गुरु के चमत्कारी व्यक्तित्व, उनके वैराग्य और उनकी आध्यात्मिक यात्रा का वर्णन किया है। इस पुस्तक का मूल संदेश भगवान नित्यानंद की इसी कालजयी शिक्षा के इर्द-गिर्द घूमता है कि "मनुष्य का हृदय ही सभी पवित्र तीर्थस्थलों का केंद्र है, वहीं जाओ और विश्राम करो"। यह रचना किसी भी आध्यात्मिक साधक को अंतर्मुखी होने और अपने भीतर ईश्वर की उपस्थिति को महसूस करने की गहरी प्रेरणा देती है।