"Fakkad: The Parallel Lives" by author Suraj Prakash Dadsena.(GRADE-A)
यह पुस्तक "फक्कड़: द पैरलल लाइव्स" है, जिसे सूरज प्रकाश डडसेना ने लिखा है। यह उनका दूसरा उपन्यास है।पुस्तक का परिचय (Book Description)यह उपन्यास दो विरोधाभासी और समांतर (parallel) जिंदगियों की एक तुलनात्मक कहानी है:दो अलग दुनिया: यह कहानी एक तरफ आधुनिक कस्बाई-शहरी क्षेत्र की जिंदगी को दिखाती है और दूसरी तरफ बस्तर (Bastar) के उन लोगों की व्यथा को, जो संघर्षपूर्ण जीवन जी रहे हैं।आदिवासी वास्तविकता: लेखक ने इस बात पर जोर दिया है कि बाहरी दुनिया आदिवासी क्षेत्रों को केवल मीडिया के चश्मे से ही देखती है। उपन्यास में आदिवासी क्षेत्र की स्थिति को राजनीति, सामंतवाद, पूंजीवाद और विभिन्न विचारधाराओं के माध्यम से समझाने का प्रयास किया गया है।