Deewar Mein Ek Khidki Rahti Thi by Vinod Kumar Shukla (GRADE-A)
यह वरिष्ठ और प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल द्वारा रचित एक कालजयी और 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' से सम्मानित प्रख्यात उपन्यास है, जिसे हिंद युग्म द्वारा प्रकाशित किया गया है। कहानी मुख्य रूप से एक छोटे से भारतीय कस्बे में रहने वाले बेहद साधारण निम्न-मध्यवर्गीय दंपति 'रघुवर प्रसाद' और उनकी पत्नी के इर्द-गिर्द घूमती है। इस उपन्यास में कोई बहुत बड़ी नाटकीय घटना या विराट संघर्ष नहीं है, बल्कि लेखक ने एक आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन की सादगी, निरीहता, आस-पड़ोस के रिश्तों और प्रकृति के जादुई यथार्थ (Magic Realism) को बहुत ही शांत और काव्यात्मक भाषा में उकेरा है। दीवार की वह छोटी सी खिड़की केवल हवा आने का जरिया नहीं है, बल्कि एक आम इंसान की बंद जिंदगी के पार छिपी एक जादुई और अनंत दुनिया को देखने का एक खूबसूरत नजरिया बन जाती है।
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