Deendayal Upadhyaya by Sampoorna Vangmaya (GRADE-A)
यह पुस्तक एकात्म मानववाद (Integral Humanism) के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय के संपूर्ण विचारों, भाषणों, लेखों और जीवन-दर्शन का एक आधिकारिक और विस्तृत संग्रह है。 इस साहित्यिक और दार्शनिक संग्रह में उनके मुख्य सिद्धांतों—जैसे 'अंत्योदय' (समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उदय), सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, और पूँजीवाद व साम्यवाद के विकल्प के रूप में भारतीय परंपराओं पर आधारित 'एकात्म मानवदर्शन' को बेहद गहराई से प्रस्तुत किया गया है。 लेखक और विचारकों ने इसमें उनके राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विचारों (जैसे आर्थिक लोकतंत्र) का संकलन किया है, जो आधुनिक भारत की नीति और राष्ट्र-निर्माण की दिशा को समझने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज़ है。
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