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Bade Ghar Ki Beti by Munshi Premchand (GRADE-A)
Sale price
Rs. 180.00
Regular price
Rs. 225.00
'बड़े घर की बेटी' मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित एक अत्यंत मार्मिक और विचारोत्तेजक कहानी है, जो संयुक्त भारतीय परिवार के ताने-बाने, आत्मसम्मान और क्षमाशीलता के महत्व को दर्शाती है। कहानी की मुख्य पात्र आनंदी है, जो एक अमीर ज़मींदार की बेटी है, लेकिन उसका विवाह एक साधारण परिवार के युवक श्रीकंठ से होता है। आनंदी नए घर की कमियों और साधारण माहौल में खुद को ढाल लेती है, परंतु एक दिन घी की मात्रा को लेकर उसके देवर कामतानाथ से उसका तीखा विवाद हो जाता है, जहाँ देवर द्वारा किए गए अपमान से आहत होकर वह अपने पति से इसकी शिकायत करती है। यह कलह बढ़ते-बढ़ते परिवार के टूटने की कगार तक पहुँच जाती है, जहाँ श्रीकंठ अपने भाई से अलग होने का मन बना लेता है। इस कठिन मोड़ पर, आनंदी अपनी उच्च पारिवारिक परवरिश, उदारता और समझदारी का परिचय देते हुए न केवल अपने देवर को क्षमा करती है, बल्कि बिखरते हुए परिवार को एक डोर में बाँधकर बचा लेती है। प्रेमचंद ने इस कहानी के माध्यम से यह संदेश दिया है कि 'बड़े घर की बेटी' वह नहीं होती जो धन-दौलत का अहंकार दिखाए, बल्कि वह होती है जो बिगड़े हुए रिश्तों को अपनी संवेदनशीलता से सँवार दे।