Aansu by Jaishankar Prasad (GRADE-B)
महाकवि जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित 'आँसू' हिंदी साहित्य के छायावादी युग की एक बेहद अनमोल और कालजयी कृति है. इसे हिंदी साहित्य का 'मेघदूत' भी कहा जाता है. मूल रूप से यह एक विरह-काव्य है, जो प्रेम की गहन वेदना, बिछड़ने के दर्द और अतीत की खूबसूरत यादों को बेहद मार्मिक ढंग से बयां करता है. ऐसा माना जाता है कि प्रसाद जी ने अपनी पहली पत्नी के असामयिक निधन के बाद उनकी याद में अपने दिल के बेइंतहा दर्द को इस कविता के रूप में ढाला था. कविता की शुरुआत घने अंधकार और व्यक्तिगत निराशा के सागर से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह दर्द केवल कवि का न रहकर 'विश्व-कल्याण' और 'वैश्विक करुणा' में बदल जाता है. यह काव्य जीवन के सुख-दुख के संतुलन, मानवीय भावनाओं की गहराई और आंसुओं के जरिए आत्म-साक्षात्कार (self-discovery) की एक अद्भुत और संगीतमय यात्रा है, जिसका द्विभाषी संस्करण अमेज़न इंडिया पर भी उपलब्ध है
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