नये दोर की ओर किशोर बियानी दीपयान बेश्य
"य पुस्तक लोगों को ग्राहक केंद्रित बनाएगी, 'जीवन मूल्यों' के मूल्यों को सिखाएगी तथा पावक के जागरूक मन को किशीर की दूरवृष्टि, अंतर्दृष्टि, समग्रता से परिचित कराएगी एवं जोखिम लेने का साहस और इन जोखिमों से पार पाने की क्षमता पैदा करेगी।" साई सी. देवेश्वर चेयरमैन, आई.डी.सी. लि.
"बि अनिवार्य है।" चाची जर्मग एवं ताजगी से भरे हैं अगर सफल व्यक्तियों के चारे में पढ़ने से सफल उद्यमी चनने में सहायता मिलती है तो यह पुस्तक पढ़ना - बिजनेस हुडे
"जो लोग कुछ बड़ा काम करने देखते हैं उनके लिए यह कहानी का सपना। प्रेरणादायक है। तौर पर यह तथ्य कि चियानी ने अकेले सुपर मार्केड श्रृंखला शुरू की, जो अब हर प्रमुख शहर में फैल गई है। - इ टेलीग्राफ
" ३५ पने समय के अनोखे भी के अ एक दशक के संघर्ष के अलावा यह पुस्तक बियानी की सफलता असफलता, गलतियों एवं पारंपरिक प्रचंधन के मंत्री के चार में चताती है। पुस्तक इस उतार-चढ़ाव की चात्रा में उनकी
अंतर्दृष्टि और संस्मरणों को साथ लेकर चलती है।" इकॉनॉमिक टाइम