"गदल एवं अन्य कहानियाँ" by रांगेय राघव (GRADE-A)
गदल' रांगेय राघव की सबसे चर्चित और कालजयी कहानियों में से एक मानी जाती है, जिसका प्रकाशन 1955 में हुआ था। यह कहानी एक सशक्त, निडर और परंपराओं को चुनौती देने वाली महिला गदल के इर्द-गिर्द घूमती है।कहानी का सारांश:मुख्य पात्र: गदल खारी गूजर जाति की एक अधेड़ उम्र की स्वाभिमानी स्त्री है।कथानक: अपने पति गुन्ना की मृत्यु के बाद, वह सामाजिक लोक-लाज की परवाह किए बिना अपने से कम उम्र के मौनी (लौहारे गूजर) के घर जाकर बैठ जाती है। इस साहसी कदम से समाज और उसके बेटों-बहुओं में काफी बदनामी होती है।प्रेम और त्याग: कहानी का मुख्य आधार गदल का अपने देवर डोडी के प्रति अटूट प्रेम है, जो अंत में त्याग और बलिदान में बदल जाता है।विशेषता: यह कहानी ग्रामीण जीवन के यथार्थ, प्रेम की तीव्रता, प्रतिशोध और एक स्त्री के अदम्य साहस को दर्शाती है।