द से दुःख बड़ी ई से ईश्वर (Da Se Dukh Badi Ee Se Ishwar) (Paperback, Payal Rathore)
दुःख हमारा देवता है, प्रेम हमारी तपस्या और ईश्वर उसकी पूर्णता। यह किताब जीवन की उन्हीं पगडंडियों पर चलती है जहाँ सुख- दुःख की लयबद्ध धड़कनें सुनाई देती हैं। यह मात्र शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि एक आत्मीय यात्रा है—जहाँ प्रेम त्याग में खिलता है, दुःख की छैनी हमें तराशती है, और ईश्वर को स्मृति की गहराइयों में पाया जाता है। यह किताब उन रंग-बिरंगी टहनियों की तरह है, जिनसे अपनी छत बनाई जा सकती है—जहाँ मन विश्राम कर सके, जहाँ आत्मा को संबल मिले। अगर आपने कभी प्रेम में ईश्वर को ढूँढा है, या दुःख में एक साथी की तलाश की है, तो यह किताब आपके लिए है। एक ऐसी पुस्तक जो आपको जीवन के सबसे गहरे प्रश्नों से जोड़ देगी—और शायद कुछ उत्तर भी दे जाए।
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