{"product_id":"naam-sumir-man-bavre-by-osho-grade-a","title":"Naam Sumir Man Bavre by Osho.(GRADE-A)","description":"\u003cp\u003eओशो की पुस्तक \"नाम सुमिर मन बावरे\" का:मुख्य विषय और सार (Core Theme)यह पुस्तक संत जगजीवन साहिब की वाणी पर ओशो द्वारा दिए गए 10 क्रांतिकारी अमृत प्रवचनों का अद्भुत संकलन है. 'नाम सुमिर मन बावरे' का अर्थ है—\"हे चंचल और दीवाने मन, उस परमात्मा के नाम का स्मरण कर\"। ओशो के अनुसार, 'नाम' का मतलब किसी शब्द को तोते की तरह रटना नहीं है, बल्कि अपने भीतर छिपी हुई चैतन्य ऊर्जा और परमात्मा के प्रति गहरे प्रेम (प्रीति) में डूब जाना है।पुस्तक के प्रमुख बिंदु (Key Highlights)राजपथ बनाम पगडंडी: ओशो कहते हैं कि बुद्ध, कृष्ण और क्राइस्ट का मार्ग 'राजपथ' की तरह है, जहाँ बहुत भीड़ चलती है। इसके विपरीत, संत जगजीवन साहिब जैसे रहस्यवादियों का मार्ग 'पगडंडी' जैसा है—जो एकांत, चुनौतीपूर्ण और सीधा शिखर तक ले जाने वाला मार्ग है।दमन का विरोध (का भए तन-मन मारा): ओशो पारंपरिक त्याग और तपस्या का खंडन करते हैं, जहाँ शरीर और मन को कष्ट दिया जाता है। वे समझाते हैं कि शरीर को सताने से नहीं, बल्कि इसे परमात्मा का मंदिर मानकर इसके पार जाने से ही आत्म-साक्षात्कार संभव है।शास्त्रों के बोझ से मुक्ति: पुस्तक में बताया गया है कि सत्य की खोज के लिए शास्त्रों और सिद्धांतों का मानसिक बोझ छोड़ना अनिवार्य है। जब तक चित्त निर्भार (हल्का) नहीं होता, तब तक ध्यान का आंतरिक शून्य घटित नहीं हो सकता।भक्ति और फकीरी: सच्चे संन्यास और फकीरी का अर्थ घर छोड़कर भागना नहीं है, बल्कि संसार में रहते हुए भी भीतर से अछूते रहना और आंतरिक रूप से शांत (शीतल) हो जाना है।\u003c\/p\u003e","brand":"NEW BOOK WORLD","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":49785167708400,"sku":null,"price":263.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0730\/0402\/4048\/files\/71o-ZpnksxL.-AC_UF350_350_QL50.jpg?v=1780301343","url":"https:\/\/newbookworld.com\/products\/naam-sumir-man-bavre-by-osho-grade-a","provider":"NEW BOOK WORLD","version":"1.0","type":"link"}