{"product_id":"deepshikha-by-mahadevi-verma-grade-a","title":"Deepshikha by Mahadevi Verma (GRADE-A)","description":"\u003cp\u003eपुस्तक का विवरण:रचयिता: महादेवी वर्मा, जिन्हें \"आधुनिक मीरा\" के रूप में भी जाना जाता है।प्रकार: यह एक चित्र-गीतात्मक पुस्तक है, जिसमें महादेवी जी ने अपनी कविताओं के साथ स्वयं के बनाए गए चित्रों को भी शामिल किया है।विषय: इसके गीतों की मुख्य विशेषता छायावाद की भावनाएं, भावनात्मक गहराई, और विरह की वेदना है।संरचना: इस संग्रह में कुल 51 कविताएँ हैं। इसमें 'दीप मेरे जल अकम्पित' और 'पंथ होने दो अपरिचित' जैसे प्रसिद्ध गीत शामिल हैं।प्रकाशन: यह पुस्तक लोकभारती प्रकाशन और वाणी प्रकाशन जैसे विभिन्न प्रकाशकों द्वारा उपलब्ध है।इस संग्रह में कवयित्री ने दीपक को एक प्रतीक के रूप में उपयोग किया है, जो रात की सघनता में अपनी लौ को अडिग बनाए रखने की इच्छा और अटूट आत्मविश्वास को दर्शाता है।\u003c\/p\u003e","brand":"NEW BOOK WORLD","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49718177956080,"sku":null,"price":159.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0730\/0402\/4048\/files\/21z7lSR4hHL.-AC_UF1000_1000_QL80.jpg?v=1778565289","url":"https:\/\/newbookworld.com\/products\/deepshikha-by-mahadevi-verma-grade-a","provider":"NEW BOOK WORLD","version":"1.0","type":"link"}