{"product_id":"chandrakanta-santati-part-6-by-author-devaki-nandan-khatri","title":"Chandrakanta Santati Part 6 by author Devaki Nandan Khatri.","description":"\u003cp\u003eयह चित्र प्रसिद्ध लेखक बाबू देवकीनंदन खत्री द्वारा लिखित कालजयी उपन्यास 'चंद्रकांता संतति' के छठे भाग (खंड 6) का है।इस उपन्यास और इसके लेखक के बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:उपन्यास का परिचय: 'चंद्रकांता संतति' हिंदी के पहले आधुनिक उपन्यास 'चंद्रकांता' (1888) का अगला भाग (सीक्वल) है। यह कुल 6 खंडों (24 भागों) में प्रकाशित हुआ था।लेखक: इसके लेखक बाबू देवकीनंदन खत्री हैं, जिन्हें हिंदी साहित्य में तिलिस्मी और ऐयारी उपन्यासों का जनक माना जाता है।कहानी की पृष्ठभूमि: यह एक काल्पनिक और साहसिक प्रेम कथा है, जिसमें जादू (तिलिस्म), जासूसी (ऐयारी) और रहस्यमयी घटनाओं का ताना-बाना बुना गया है। मुख्य रूप से यह राजकुमारी चंद्रकांता और राजकुमार वीरेंद्र सिंह की संतान की कहानियों और 'जमानिया के तिलिस्म' को तोड़ने के इर्द-गिर्द घूमती है।साहित्यिक महत्व: इस उपन्यास की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि उन्नीसवीं सदी के अंत में हज़ारों गैर-हिंदी भाषी लोगों ने इसे पढ़ने के लिए विशेष रूप से हिंदी सीखी थी।सांस्कृतिक प्रभाव: इस कृति पर आधारित धारावाहिक 'चंद्रकांता' दूरदर्शन पर बेहद लोकप्रिय हुआ था।उपन्यास का यह विशिष्ट संस्करण संभवतः मनोज पब्लिकेशंस या किसी अन्य प्रमुख हिंदी प्रकाशक द्वारा प्रकाशित किया गया है।\u003c\/p\u003e","brand":"NEW BOOK WORLD","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":49758341988592,"sku":null,"price":45.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0730\/0402\/4048\/files\/9788128400421.jpg?v=1779522015","url":"https:\/\/newbookworld.com\/products\/chandrakanta-santati-part-6-by-author-devaki-nandan-khatri","provider":"NEW BOOK WORLD","version":"1.0","type":"link"}