{"product_id":"मृणालिनी-by-बंकिम-चंद्र-चटर्जी-grade-a","title":"मृणालिनी by बंकिम चंद्र चटर्जी (GRADE-A)","description":"\u003cp\u003eप्रकाशन: यह पहली बार 1869 में प्रकाशित हुआ था और यह बंकिम चंद्र का तीसरा उपन्यास है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमुख्य विषय: यह उपन्यास 11वीं शताब्दी के बंगाल की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें इतिहास, रोमांस और देशभक्ति का अनूठा संगम है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकहानी का सारांश:\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह कहानी मगध के राजकुमार हेमचंद्र और मथुरा की एक सुंदर युवती मृणालिनी की प्रेम कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकथानक में दिखाया गया है कि कैसे व्यक्तिगत प्रेम और देश के प्रति कर्तव्य के बीच द्वंद्व पैदा होता है। जब यवनों (बख्तियार खिलजी) ने मगध पर आक्रमण किया, तब हेमचंद्र अपने प्रेम में इतना डूबा था कि वह अपने कर्तव्यों को भूलने लगा था।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहेमचंद्र के गुरु, माधवाचार्य, उसे उसके कर्तव्यों का बोध कराने के लिए मृणालिनी को गुप्त रूप से कहीं और भेज देते हैं, जिससे कहानी में कई मोड़ और षड्यंत्र आते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपात्र: उपन्यास के मुख्य पात्रों में मृणालिनी, हेमचंद्र, माधवाचार्य, पशुपति और गिरिजया शामिल हैं। \u003c\/p\u003e","brand":"NEW BOOK WORLD","offers":[{"title":"Historical fiction \/ Paperback \/ HIN- Hindi","offer_id":49634510962928,"sku":null,"price":159.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0730\/0402\/4048\/files\/71FPr-F7dML.jpg?v=1777537477","url":"https:\/\/newbookworld.com\/products\/%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a3%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%80-by-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-grade-a","provider":"NEW BOOK WORLD","version":"1.0","type":"link"}