{"product_id":"गुंडा-by-जयशंकर-प्रसाद-grade-a","title":"गुंडा by जयशंकर प्रसाद। (GRADE-A)","description":"\u003cp\u003eकहानी का संक्षिप्त परिचय (Description)\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\"गुंडा\" कहानी 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध के वाराणसी (काशी) के ऐतिहासिक परिवेश पर आधारित है। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमुख्य पात्र: इस कहानी के नायक बाबू नन्हकू सिंह हैं। वे एक जमींदार के पुत्र थे जो जीवन की कुछ मानसिक चोटों और परिस्थितियों के कारण 'गुंडा' बन गए।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eनन्हकू सिंह का व्यक्तित्व: समाज उन्हें 'गुंडा' कहता था, लेकिन वे वास्तव में एक रॉबिनहुड जैसी छवि वाले व्यक्ति थे। वे गरीबों, बेबसों और विधवाओं की सहायता करते थे और अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं करते थे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकथानक: कहानी उस समय की है जब ईस्ट इंडिया कंपनी बनारस पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रही थी। नन्हकू सिंह का अपनी पुरानी प्रेयसी राजमाता पन्ना और उनके पुत्र राजा चैतसिंह के प्रति निष्ठा और बलिदान इस कहानी का मुख्य केंद्र है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसंदेश: यह कहानी दर्शाती है कि कोई व्यक्ति स्वभाव से बुरा नहीं होता, बल्कि परिस्थितियाँ उसे बदलने पर मजबूर कर देती हैं। अंत में, नन्हकू सिंह अपने आत्म-सम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे देते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह रचना जयशंकर प्रसाद की श्रेष्ठ कहानियों में से एक मानी जाती है, जो मानवीय संवेदनाओं और वीरता का अनूठा संगम है।\u003c\/p\u003e","brand":"NEW BOOK WORLD","offers":[{"title":"Historical fiction \/ Hard back \/ Adults","offer_id":49634528362736,"sku":null,"price":59.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0730\/0402\/4048\/files\/71p1erDtlZL.jpg?v=1777539886","url":"https:\/\/newbookworld.com\/products\/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%be-by-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6-grade-a","provider":"NEW BOOK WORLD","version":"1.0","type":"link"}