{"product_id":"अंधेर-नगरी-by-भारतेंदु-हरिश्चंद्र-grade-a","title":"अंधेर नगरी by भारतेंदु हरिश्चंद्र (GRADE-A)","description":"\u003cp\u003eलेखक: भारतेंदु हरिश्चंद्रविधा: यह एक प्रहसन (हास्य और व्यंग्य प्रधान लघु नाटक) हैप्रकाशन: चित्र में दिखाई गई पुस्तक साहित्यागार (जयपुर) द्वारा प्रकाशित हैविशेषता: इसमें मूल पाठ के साथ समीक्षा और व्याख्या भी शामिल है [चित्र]नाटक का संक्षिप्त सारांश:यह नाटक 1881 में लिखा गया था और इसमें कुल छह दृश्य (अंक) हैं।कहानी: यह एक ऐसे राज्य की कहानी है जिसका राजा विवेकहीन और मूर्ख है। यहाँ न्याय-अन्याय और गुण-अवगुण में कोई भेद नहीं किया जाता।प्रसिद्ध लोकोक्ति: इस नाटक से ही प्रसिद्ध कहावत \"अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी टके सेर खाजा\" प्रचलित हुई, जिसका अर्थ है कि जहाँ सब कुछ एक ही भाव बिकता हो, वहाँ अराजकता होती है।उद्देश्य: यह नाटक तत्कालीन ब्रिटिश शासन की शोषणकारी व्यवस्था और सामाजिक कुरीतियों पर एक तीखा व्यंग्य है。\u003c\/p\u003e","brand":"NEW BOOK WORLD","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49644648988912,"sku":null,"price":99.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0730\/0402\/4048\/files\/AndherNagri-2.webp?v=1777708939","url":"https:\/\/newbookworld.com\/products\/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%80-by-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%81-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-grade-a","provider":"NEW BOOK WORLD","version":"1.0","type":"link"}