{"title":"Hindi Politics","description":null,"products":[{"product_id":"modi-ka-bharat-rashtawad-samarpan-samridhi-grade-c","title":"Modi Ka Bharat: Rashtawad. Samarpan. Samridhi.(GRADE-C)","description":"\u003cp\u003eयह तस्वीर \"मोदी का भारत\" नामक एक हिंदी पुस्तक की है। इस पुस्तक के बारे में कुछ मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:शीर्षक: मोदी का भारत (Modi Ka Bharat)संपादक: इसके संपादक रजत सेठी हैं।विषय: पुस्तक के निचले हिस्से पर तीन मुख्य शब्द लिखे हैं: राष्ट्रवाद, समर्पण, और समृद्धि। यह दर्शाता है कि पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के विकास और विचारधारा पर केंद्रित है।\u003c\/p\u003e","brand":"NEW BOOK WORLD","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":49807074558192,"sku":null,"price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0730\/0402\/4048\/files\/71Jwluaof7L.-AC_UF1000_1000_QL80.jpg?v=1780654362"},{"product_id":"modern-indian-political-thought","title":"Modern Indian Political Thought.(GRADE-A)","description":"\u003cp\u003eयह इग्नू (IGNOU) के बी.ए. (BA) राजनीति विज्ञान पाठ्यक्रम की सहायक पुस्तक Gullybaba EPS-03: Modern Indian Political Thought है। इसमें शामिल मुख्य खंड (Blocks) और विषयों का विवरण नीचे दिया गया है:पाठ्यक्रम और मुख्य विषय (Syllabus \u0026amp; Chapters)यह पुस्तक मुख्य रूप से 8 खंडों (Blocks) में विभाजित है:खंड 1: सामाजिक और राजनीतिक चिंतन की पृष्ठभूमि – इसमें भारतीय समाज, अर्थव्यवस्था और राजव्यवस्था पर ब्रिटिश औपनिवेशिक हस्तक्षेप का विश्लेषण है।खंड 2: 19वीं शताब्दी भारत में सामाजिक-राजनीतिक सुधार – राजा राममोहन राय, न्यायमूर्ति एम.जी. रानाडे और गोपाल कृष्ण गोखले जैसे विचारकों के योगदान।खंड 3: उग्र राष्ट्रवाद (Militant Nationalism) – बाल गंगाधर तिलक, श्री अरबिंदो और शहीद भगत सिंह के राजनीतिक विचार।खंड 4: उपनिवेशवाद, जाति व्यवस्था और आदिवासी समाज – ज्योतिराव फुले, ई.वी. रामासामी नायकर (पेरियार), डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचार और भारत के आदिवासी आंदोलन।खंड 5: आधुनिक भारत में राजनीति और धर्म – स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, वी.डी. सावरकर, सर सैयद अहमद खान, मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद अली जिन्ना और अबुल कलाम आजाद के विचार।खंड 6: गांधीवाद: विकास और स्वरूप – स्वराज, सत्याग्रह, पश्चिमी सभ्यता की आलोचना और सर्वोदय आंदोलन।खंड 7: राष्ट्रवाद और सामाजिक क्रांति (समाजवाद) – जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, जयप्रकाश नारायण और राममनोहर लोहिया के समाजवादी विचार।खंड 8: राष्ट्रवाद और सामाजिक क्रांति (कम्युनिस्ट) – भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में कम्युनिस्टों की भूमिका और एम.एन. रॉय का मार्क्सवाद।\u003c\/p\u003e","brand":"NEW BOOK WORLD","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":49807130591472,"sku":null,"price":176.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0730\/0402\/4048\/files\/IMG20260605163412.jpg?v=1780657537"},{"product_id":"kitna-raj-kitna-kaj-by-santosh-singh-grade-a","title":"Kitna Raj, Kitna Kaj by Santosh Singh (GRADE-A)","description":"\u003cp\u003eयह पुस्तक वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह द्वारा लिखित समकालीन बिहार के राजनीतिक इतिहास का एक प्रामाणिक दस्तावेज़ है. इसमें जेपी आंदोलन से निकले राज्य के दो सबसे बड़े कप्तानों—लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के उभार, उनकी दोस्ती, उनके अलगाव और बिहार के सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों में आए बदलावों की अंदरूनी कहानी दिखाई गई है. लेखक ने बेहद तटस्थ दृष्टिकोण से रामविलास पासवान, राबड़ी देवी और भाजपा के प्रभाव सहित कई अनकहे राजनीतिक संस्मरणों को कहानियों की शक्ल में प्रस्तुत किया है\u003c\/p\u003e","brand":"NEW BOOK WORLD","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":49822170349808,"sku":null,"price":449.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0730\/0402\/4048\/files\/download_b82c7377-c9da-4aa9-b5d0-4ad79497b600.jpg?v=1780986544"}],"url":"https:\/\/newbookworld.com\/collections\/hindi-politics.oembed","provider":"NEW BOOK WORLD","version":"1.0","type":"link"}